Trade लो
शायद चले, शायद ना चले…
यही है असली game.
हर बार सोचते रहने से growth नहीं होती।
जो डरते हैं, वो देखते रह जाते हैं।
और
जो करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं।
फैसला लेने की ताकत दिखाओ, चाहे market clear हो या नहीं
यही फर्क करता है trader और watcher में।
